चुसककीट एवं उनके द्वारा फैलने वाले रोगोंका नियंत्रण

चुसककीट एवं उनके द्वारा फैलने वाले रोगोंका नियंत्रण

किसान जब खेतोमे सिचाई कर संतुलित खाद देते है,फसल की वृधि में इजाफा आता है. जडो द्वारा आते खाद की आपूर्तीसे पौध की काया एवं पत्ते कोमल, हरे तथा रसीले हो जाते है. यह कोमलता तथा रसीलापन किट तथा फफूंद को आकर्षित करते है. फफूंद,बैक्टीरिया, कीट तथा किट के माध्यम से फैलने वाले व्हायरस फसल पर आक्रमण करना शुरू कर देते है.

फसल की अन्ध्रुनी शक्ति इन शत्रुओका प्रतिकार करना शुरू करती है. बीमारी फ़ैलाने वाले विविध जीव सामूहिक शक्ति का प्रयोग शुरू कर देते है. निसर्ग का यही चक्र है. एक जिव पर दूसरा निर्भर है. जिसमे प्रतिकार क्षमता अधिक है वही अपना जीवनचक्र पूरा कर पाता है.पौध में अगर प्रतिकार क्षमता है तो वह रोगकारक जीवोंको बढने नही देता, तो कुछ रोगकारक जीव पौध की प्रतिकार शक्ति का दमन करते है.

पाटिल बायोटेक द्वारा निर्मित अरेना चोकलेट यह उत्पादन पौध में रोगजंतुओं व् कीटोद्वारा होने वाले प्रतिकार क्षमता के दमन को रोखता है. जिस तरह नन्हे शिशुके रक्षा हेतु उसे टिका दिया जाता है, जीवन में यशप्राप्ति हेतु "यज्ञ व् मंत्रोच्चार" से कुंडलिनी को जागृत किया जाता है, उसी तरह, फसल की रोगप्रतिकार क्षमता को सचेत कर जागृत रखने हेतु फसलपर अरेना चोकलेट का छिडकाव करे.

जब आप संतुलित खाद की मात्रा दे, १६ लिटर के स्प्रे पंप मे एक अरेना चोकलेट का घोल बनाकर डाल दे व् छिड़काव करे. इस छिड़कावको २० से २५ दिन में दोहराए.

अरेना के छिडकावसे फसल की प्रतिकार क्षमता बढती है. इसका दूसरा मतलब यह है के सूरजकिरण से जो उर्जा पौध में उत्पन्न होती है उसका एक मुख्य हिस्सा फसल की प्रीतिकर क्षमता को तंदुरुस्त करनेहेतु खर्चा हो जाता है. अतः आप जब भी अरेना का छिडकाव करे, खाद की सतुलित मात्रा जरुर दे जिससे पौध फुल ओर फलो के विकास के लिए अतिरिक्त उर्जा का निर्माण कर पाए.

 पपीता, टमाटर, भिन्डी, मिर्च, तरबूज, खरबूज, ककड़ी, केले, कोफ़ी, गन्ना व् फुलोके अनेक किस्मोमे इस छिडकाव से लाभ होने का पता चला है. आप जो भी फसल लगाए, इसको आजमाए.

अरेना विविध श्रोतोसे प्राप्त सामुग्री का एक विशेष मिश्रण है, जो रोग जीवाणु तथा कीटोद्वारा फोधे के प्रतिकार क्षमता के दमन को रोखता है. अरेना में कायटिन, पेप्टिडोग्लायकन के मोनोमर; नॉन-रायबोज्होमल प्रथिन, नैसर्गिक आयर्न चिलेटर तथा कुछ मिनरल है.

Back to blog

Leave a comment

Please note, comments need to be approved before they are published.